" समय के साथ गायब हो गए "
मास्टरजी के हाथ से डंडा
मुर्गी का भूरा वाला अंडा,
सड़क किनारे से प्याऊ
बच्चों के चाचा और ताऊ,
अपने घरों से देसी गाय
रसोई से लस्सी और छाय,
समय के साथ गायब हो गए....
बच्चों के हाथ से तख्ती
बाप की घर में सख्ती,
घरों में कच्चे आँगन
औरतों के हाथों से कंगन,
घरों में देसी घी का खाना
दोस्तों का सच्चा याराना,
समय के साथ गायब हो गए....
स्कूल से कलम, दवात और रोशनाई
गली के नुक्कड़ से देसी हलवाई ,
गर्मियों में हाथ के पंखे
बच्चों के बित्ती और डंके,
दूल्हे का घोड़ी पर रौब से तनना
स्कूल से कलम, दवात और रोशनाई
गली के नुक्कड़ से देसी हलवाई ,
गर्मियों में हाथ के पंखे
बच्चों के बित्ती और डंके,
दूल्हे का घोड़ी पर रौब से तनना
दो - तीन दिन बारात का रुकना,
समय के साथ गायब हो गए....
कलाई पर चाबी वाली घड़ी
दरवाजों पर पत्तों की लड़ी,
घरों में डायल वाला टेलीफोन
बड़ों के चेहरे से सच्ची मुस्कान,
समय के साथ गायब हो गए....
समय के साथ गायब हो गए....
कलाई पर चाबी वाली घड़ी
दरवाजों पर पत्तों की लड़ी,
घरों में डायल वाला टेलीफोन
बड़ों के चेहरे से सच्ची मुस्कान,
समय के साथ गायब हो गए....
नरेन्द्र 'नरेन '
२२/५/२०१३