ऐसा भी होता है ........
रविवार, 28 अप्रैल 2013
" स्मृतियाँ "
दिल से जुड़ी ये स्मृतियाँ
कैसे आसानी से भूल जाए कोई,
रोज़ ख्यालों में आ-आ कर
बे-वक़्त जगाये और रुलाये कोई !
हम नहीं कहते इनसे कभी
कि चलो हमारे साथ हर कदम,
फिर ना जाने क्यूँ हर पल हर घड़ी
दृष्टि-पटल पर बरबस छा जाए कोई !
नरेन्द्र "नरेन"
28.4.2013
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