मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

"जिंदगी का सफ़र"

जिंदगी के हर मोड़ पर 
नित नए-नए साथी मिलते, 
जिनसे मिल कर हमारे 
हृदय के पुष्प खिलते !

यह जरुरी नहीं कि वो 
दूर तक चलें हमारे साथ,
बिना कोई दिल में हसरत लिए 
मिलाओ उनसे दोस्ती का हाथ !

ऊपरवाले का हमेशा शुक्रिया करो 
कि सुंदर दोस्ती की दी हमें सौगात,
जिंदगी का सफ़र यूँ ही कट जायेगा 
अच्छे लोगों का गर मिलता रहे साथ !

नरेन्द्र "नरेन"
१७ मार्च, २०१३ 



1 टिप्पणी:

  1. फेसबुक पर आज (१७.३.२०१३) मेरे स्कूल के समय के अध्यापक और हॉस्टल-वार्डन श्री शशिकांत जी का सन्देश पढ़ा जिसमें उन्होंने सुबह की सैर के दौरान मिले नए साथी का जिक्र किया है ! उनका सन्देश पढ़ कर जो मन में आया वह लिखता गया, नतीजा आपके सामने है - उम्मीद है पढ़ने वालों को पसंद आएगी यह तुकबंदी ....!!!

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