"जिंदगी का सफ़र"
नित नए-नए साथी मिलते,
जिनसे मिल कर हमारे
हृदय के पुष्प खिलते !
यह जरुरी नहीं कि वो
दूर तक चलें हमारे साथ,
बिना कोई दिल में हसरत लिए
मिलाओ उनसे दोस्ती का हाथ !
कि सुंदर दोस्ती की दी हमें सौगात,
जिंदगी का सफ़र यूँ ही कट जायेगा
अच्छे लोगों का गर मिलता रहे साथ !
१७ मार्च, २०१३
फेसबुक पर आज (१७.३.२०१३) मेरे स्कूल के समय के अध्यापक और हॉस्टल-वार्डन श्री शशिकांत जी का सन्देश पढ़ा जिसमें उन्होंने सुबह की सैर के दौरान मिले नए साथी का जिक्र किया है ! उनका सन्देश पढ़ कर जो मन में आया वह लिखता गया, नतीजा आपके सामने है - उम्मीद है पढ़ने वालों को पसंद आएगी यह तुकबंदी ....!!!
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