सोमवार, 8 जुलाई 2013

"अजब क्रिकेट - ग़ज़ब क्रिकेट"



मैच फिक्सिंग ने कर दिया क्रिकेट का सत्यानाश,
भारतीय दर्शक देखो फिर भी नहीं होते निराश.

नहीं होते निराश खेल ये देखो अजब है, 
गंजे भी जोर से बोलते "नो बाल" गज़ब है.

क्रिकेट के मौसम में सरकारी दफ्तरों का भट्ठा जाम,
उनका क्या जिक्र जब घरों में भी नहीं होता कुछ काम.

हमारे ये क्रिकेट-खिलाड़ी सुना है करोड़ों में खेलते हैं,
कुछ को ना जाने फिर भी हम क्यूँ बार-बार झेलते हैं.

कह "नरेन" कविराय अब तुम क्रिकेट पर कुछ ना बोलिए,
इस नवाबी-खेल की जब बात हो, ना कुछ सोचिये ना कुछ तौलिये !

नरेन्द्र  "नरेन"
8.7.2013  

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